शुरुआत: उत्सव-माहौल और बाज़ार जब घरों में दीये जलते हैं, मिठाईयाँ बँटी जाती हैं, नए कपड़े और सजावटी सामान खरीदा जाता है — तब आर्थिक माहौल भी थोड़ा हल्का-फुल्का हो जाता है। दीपावली (Deepavali) के समय उपभोक्ता खर्च, उपहार-खरीदारी और निवेश की मानसिकता थोड़ी उत्साही हो जाती है। वहीं, विदेशी विनिमय (फॉरेक्स) बाजार में भी इसका प्रभाव दिखता है — हालांकि उतना प्रत्यक्ष नहीं जितना शेयर-बाज़ार या रिटेल खुदरा बाजार में दिखाई देता है। फॉरेक्स बाजार यानी अलग-अलग मुद्राओं के बीच होने वाला व्यापार, खासकर भारतीय रुपया (INR) बनाम संयुक्त राज्य डॉलर (USD) या अन्य प्रमुख मुद्राओं के बीच, त्योहारों के समय कुछ विशेष रूप से प्रभावित होता है — और इस दीपावली-सीज़न में वो कुछ इस तरह रहा। इस दीपावली में मुख्य बातें – फॉरेक्स की दृष्टि से रुपये की मजबूती एवं बैंक इंटरवेंशन इस वर्ष के दीपावली-समय में भारतीय रुपया कुछ मजबूत दिखा। उदाहरण के लिए, 20 अक्टूबर 2025 को रुपया डॉलर के मुकाबले ₹ 87.93 तक पहुँच गया, जब तक उसके पहले कुछ समय में यह ₹ 88 के पास ट्रेड कर रहा था। Reuters +3 The Times of India +3 T...